21 अप्रैल को तूता-माना में भारत मुक्ति मोर्चा व राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के 7 ज्वलंत मुद्दों पर बड़ा आंदोलन को संगठन के द्वारा जाहिर समर्थन 





ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़ के नेतृत्व में आज जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट परिसर समें आयोजित “संविधान बचाओ – आरक्षण लागू करो” कार्यक्रम के उपरांत माननीय प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें बड़ी संख्या में ओबीसी समाज के लोग, युवा, छात्र एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। ज्ञापन में जातिवार जनगणना, 27% ओबीसी आरक्षण लागू करने, यूजीसी में सह-आरक्षण, मंडल आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन, न्यायपालिका में प्रतिनिधित्व तथा क्रीमी लेयर व NFS जैसी व्यवस्थाओं की समीक्षा जैसी मांगें प्रमुख रूप से उठाई गईं।



समिति के संस्थापक अधिवक्ता शत्रुहन सिंह साहू ने कहा—

“यह संघर्ष संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए है। जब तक ओबीसी समाज को उसके अधिकार पूर्ण रूप से नहीं मिलते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”


कार्यकारी अध्यक्ष टिकेश्वर सिंह ने कहा—

“जातिवार जनगणना से ही समाज की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और उसी आधार पर नीतियां बननी चाहिए।”

युवा प्रतिनिधि विशेष बघेल एवं नारायण साहू ने कहा—

“देश का युवा अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है। रोजगार और शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।”


 भजन जांगड़े एवं पंडित घनश्याम जी ने कहा—

“महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित किए बिना सामाजिक न्याय अधूरा है। ओबीसी महिलाओं को भी समान अवसर और प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।”


कार्यक्रम के पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा एवं मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की।


इस अवसर पर विशेष बघेल, शैलेन्द्र कुमार, नारायण साहू, भंजन जांगड़े, मोनिका साहू, रितेश, विजय कुमार, राहुल गुप्ता, द्वारिका प्रसाद साहु, पंडित घनश्याम जी,  सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे 


जारीकर्ता:

ओबीसी संयोजन समिति छत्तीसगढ़