3 जनवरी को कृतज्ञ राष्ट्र के साथ शाला परिवार कौही ने शासकीय प्राथमिक शाला कौही में प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फूले की जयंती मनाई और उनके योगदान को याद करते हुए वर्तमान समय में महिला शिक्षा क्रांति के रूप में समान अवसर के साथ ही साथ महिला विकास की मजबूत आधार प्रदान करने वाली करार दिया गया।
इस अवसर पर उपस्थित अतिथि वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि 18वीं शताब्दी में महिलाओं व वंचित वर्गों के लिए शिक्षा के अवरोधों एवं ऐसे कठिन समय में ज्योतिबा सावित्रीबाई फूले के महान योगदान सदैव सराहनीय एवं आदरणीय रहेंगे तथा वर्तमान पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि पूरे मानव समाज के विकास के लिए सभी लोगों के लिए शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराया जाएं। बेटियों को गहने देने के बदले शिक्षा के अधिकार देवें जिससे कि वह अपने पैरों पर खड़ा होकर स्वयं गहने खरीदने के लायक बन सके।
इस अवसर पर अतिथि वक्ता के रूप में संकुल केंद्र कन्या रानीतराई के समन्वयक राकेश ठाकुर, व्याख्याता लीना बंछोर, डॉ सचदेव ,पाटन गर्ल्स हास्टल अधिक्षिका सरिता वर्मा,पूर्व माध्यमिक उच्च वर्ग शिक्षिका नुपुर शर्मा, सहायक शिक्षक पूनम साहू, रोजगार सहायक स्वाति मारकण्डे, शिक्षा स्वयं सेवी सोनी कौशिक,सोनम निषाद ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षा क्रांति ज्योतिबा सावित्रीबाई फूले के छायाचित्र पर माल्यार्पण पुष्प अर्पित कर राजकीय गीत एवं संविधान प्रस्तावना वाचन से तथा समापन राष्ट्रगान से किया गया।
इस दौरान स्कूली बच्चों द्वारा आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षादूत एवं प्रधानपाठक राजेन्द्र मारकण्डे ने किया।
आयोजन में गांव के गणमान्य नागरिक जनप्रतिनिधि व स्कूल के बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





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