रायपुर:– छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में 10 जून को समस्त सतनामी समाज के द्वारा 15 व 16 मई की दरमियानी रात को असामाजिक तत्व के द्वारा गिरौधपुरी धाम में स्तिथ पवित्र अमर गुफा का जैतखाम को तोड़ा गया था जिस पर छत्तीसगढ़ के समस्त सतनामी समाज द्वारा बलौदा बाजार जिले में आंदोलन किया था आंदोलन में कलेक्टर ऑफिस और एसपी ऑफिस में आसामाजिक तत्वों द्वारा आगजनी की घटना हुई है इस संबंध में अधिवक्ताओ के द्वारा 19 जून दिन मंगलवार छत्तीसगढ़ राज्य मानव अधिकार आयोग प्रशांत कुमार कुर्रे अधिवक्ता पाटन दुर्ग, सम्मित कुमार भतपहरी
अधिवक्ता रायपुर,कौशल मारकंडे अधिवक्ता रायपुर, सहित अन्य अधिवक्तागण के द्वारा आज ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में लिखा है छत्तीसगढ़ के अन्य अन्य जिलों से सतनामी समाज व्यक्तियों को बलौदाबाजार पुलिस प्रशासन द्वारा विधि विरुद्ध बंदी बनाकर शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताडित एवं मारपीट किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा अपनी शक्तियों का दुरूपयोग तथा समाज के व्यक्तियों को शारीरिक शोषण किया जा रहा है। बिना किसी औचित्य और साक्ष्य के जिन व्यक्तियों को बंदी बनाया जा रहा है। न ही उनके परिवार वालों को सुचना दिया जा रहा है और न ही यह सुचना दिया जा रहा है कि कौन सी जगह या स्थान पे रखा गया है, और न ही उनके परिवार वालो को मिलने दिये जा रहा है। पुलिस प्रशासन द्वारा इस प्रकार का कार्य भारतीय संविधान के द्वारा प्रति व्यक्तियों को मिले मौलिक अधिकारों का लगातार उलंघ्घन किया जा रहा है। उपरोक्त विषय को ध्यान में रखते हुए उचित कार्यवाही कर बलौदाबाजार पुलिस प्रशासन को यह निर्देश दिया जाए भारतीय संविधान के प्रति व्यक्तियों को मिले मौलिक अधिकारों का उलंघ्घन नही किया जाय और समाज के व्यक्तियों के साथ कुरता , बर्बता का व्यवहार नही किया जाए।


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