गुरुर-छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना गुरुर ब्लाक संयोजक गुरुर झम्मन हिरवानी ने छत्तीसगढ़ के हसदेव जंगल में हो रहे अप्राकृतिक वनों की कटाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रकृति,जल,जंगल,जमीन हमारे लिए वरदान है इसको संभाल कर रखना हम सब की नैतिक जिम्मेदारीया है I उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शायद छत्तीसगढ़ सरकार को पता नहीं होगा कि प्रकृति से छेड़छाड़ करने की अंजाम मानव समाज के लिए ही नहीं बल्कि संपूर्ण जीव जगत को इसकी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है इस मामले पर मौजूदा सरकार चुप्पी साधे बैठे है I भाजपा सरकार की सीधी सी बात इतनि है कि जंगलो को काँटा जाए उन जगहों पर कोयले की खदाने बना कर कोयला खोदा जाए I श्री हिरवानी ने कहा कि विशाल पैमाने पर विस्तृत हसदेव जंगल में पौराणिक काल से ऋषि मुनियों ने उसी जंगलो में बैठ कर जप तपस्या किया करते थे I पहले धरती के बहुत बड़े हिस्से में जंगल को गिना जाता था I दुर्भाग्यवश आज मौजूदा छत्तीसगढ़ सरकार अपने स्वार्थ सिद्ध के लिए जंगलो को पहले से ही काटना शुरू कर दिया है सरकार बनते ही अमूल्य वन संपदाओ से छेड़छाड़ कर अतिदोहन करना तथा जंगलो को निजीकरण कर कंपनियों को बेचना उचित नहीं है I जिसकी छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना खुल कर विरोध करेगा I उन्होंने कहा कि हसदेव अरण्य में प्रकृति के साथ हो रहे अत्याचार को क्रांति सेना कदापि बर्दाश्त नहीं करेगा I जल जमीन,जंगल तक लड़ाई जमीनी स्तर पर लड़ेगा I


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