पाटन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सांतरा में इन दिनों डायरिया का प्रकोप छाया हुआ है। तीज त्योहार में बेटियां तीज मनाने गांव आई हुई है। ऐसे में गांव में डायरिया के फैलने से सभी सहमे हुए है। गांव में महिलाओं फैले डायरिया बीमारी की चपेट में आने से 21 लोग बीमार हो चुके हैं। डायरिया से पीड़ित 13 मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन व अन्य निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, बाकी मरीजों का घर में ही इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंच चुकी है और घर घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले दिनों हुए बारिश के पानी के कारण बाजार चौक में पानी जाम हो गया था। वही पर बोर है जिसमे से पानी टंकी में पानी जाता है। बारिश का पानी एकत्र होने के कारण गंदा पानी बोर में रिसने लगा था। इस कारण नल से भी गंदा पानी निकलने की आशंका ग्रामीण जता रहे है। सरपंच चंद्रशेखर कोसरे ने बताया की दो बोटिंग को बंद कर दिए है। पीएचई विभाग भी मौके पर मौजूद है। लेकिन आपको बता दे कि ग्राम पंचायत के सामने ही गंदगियों ने डेरा जमा रखा है। जहां पर पानी की टंकी है उसके आस पास का पूरा जगह किचड़ों से लदा हुआ है, साथ ही पानी जिस नाली से होकर बाहर जाती है उस नाली का भी हाल बेहाल है। नाली पूरी तरह कीचड़ों व कचड़ों से चोक हो गया है जिससे गंदा पानी नाली में न जाकर पीने के पानी के स्रोत में जा रहा है। समय में इसका उचित समाधान नहीं होने से आज सांतरा में ऐसी समस्याएं आ रही है। पाटन तहसीलदार प्रकाश सोनी व बीएमओ पाटन डॉ आशीष शर्मा ने आज ग्राम सांतरा में घर घर जाकर निरीक्षण किए, डायरिया से पीड़ित लोगों से जिनका इलाज घर पर किया जा रहा है उनसे मिलकर सुरक्षा के एहतियाद बरतने की बात की। साथ ही ग्राम में मुनादी करने के निर्देश दिए है। साथ ही स्वास्थ्य महकमा को पुरे गांव में डायरिया से बचाव के उपायों को प्रमुखता से बताने के निर्देश दिए हैं। ग्राम सरपंच को नाली से पानी के निकासी के उचित प्रबंधन करने के निर्देश दिए।

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